काशी मरणान्मुक्ति

मनोज ठक्कर और रश्मि छाजेड के द्वारा
भाषा : हिन्दी
बाध्यकारी: किताबचा
संस्करण: 3 संस्करण
विमोचन: 2011
ISBN-10: 8191092727
ISBN-13: 9788191092721
पृष्टों की संख्या : 512
प्रकाशक: शिव ॐ साई प्रकाशन
 
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Lord Shiva Books

Kashi Marnanmukti is a splendid story of the divine journey of an executioner at the ghats of Benares towards enlightenment.
A journey of the bestowal of supreme grace, a journey of attaining supreme oneness, a journey of supreme awakening.

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  • पाठकों की समीक्षा

    • प्रभात खबर
      इस पुस्तक में काशी के उस रूप की विस्तार से व्याख्या की गई है, जो बाकी किताबों में शायद ही मिले इसमें धर्म-अध्यात्म के साथ शिव की बारह सिद्धपीठों का विवरण है

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    • हेमलता दिखित
      उपन्यास काशी मरणान्मुक्ति गुरु - शिष्य के अध्यात्मिक सम्बन्ध पर आधारित है, जिसके मूल में श्रद्धा हैI नायक एक चांडाल है जो अपने गुरु और इश्वर के प्रति

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    • जे पी सती जी
      श्री मनोज जी ठक्कर ने जिस प्रकार अध्यात्म की विवेचना की उसकी जितनी प्रसंशा की जाए, कम ही होगी, जिस प्रकार भगवन वेद व्यास बद्रिकाश्रम में समाधिस्थ

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    • रिषभ उवाच
      इसे पौराणिक उपन्यास भी कहा जा सकता है और औपन्यासिक पुराण भीI किन्तु कथानक का पूरा जीवन इसमें होते हुए भी उसकी कथा बहुत सूक्ष्म सी है - एकार्थ काव्यों की तरह

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    • दैनिक भास्कर
      कथा की विशेषता यह है कि प्राचीन नगरी काशी, आज का बनारस, हर पल एक किरदार की तरह साथ चलता है। पूरी कथा अत्यंत रोचक और दिलचस्प अंदाज में कही गई है।

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    • नव भारत टाइम्स
      कथा के कलेवर में पौराणिक दर्शन और मान्यताओं को जिस सहजता से यहाँ पेश किया गया है , वह इस मोक्ष कथा को नितांत तांत्रिक - क्रियाविधि होने से भी बचाता है।

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  • समाचार अपडेट

    ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण की जिम्मेदारी सरकार के साथ नागरिकों की भी है - मनोज ठक्कर

    काशी मरणान्मुक्ति को श्रेष्ट आध्यात्मिक कृति के लिए विष्णुतीर्थ सम्मान

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